
उदयपुर के भैरवगढ़ मार्ग पर रात करीब 9 बजे एक कार की टक्कर से लेपर्ड गंभीर रूप से घायल हो गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उसके मुंह पर गहरी चोट लगी थी और खून बह रहा था। हादसे के बाद वह कुछ देर तक सड़क पर पड़ा रहा, लेकिन लोगों की आवाजाही बढ़ने पर घिसटते हुए सड़क किनारे झाड़ियों में जाकर छिप गया। घटना की सूचना मिलते ही सुखेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और वन विभाग को भी जानकारी दी गई। अंबेरी वन क्षेत्र के फॉरेस्टर पंकज खटीक ने लेपर्ड की लोकेशन ट्रेस कर रेस्क्यू टीम को मौके पर बुलाया। इसके बाद झाड़ियों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। टॉर्च की रोशनी पड़ते ही घायल लेपर्ड गुर्राता और दहाड़ता हुआ दूसरी दिशा में भाग निकला, जिसके बाद टीम ने दोनों ओर से घेराबंदी कर दी। रात करीब 12 बजकर 45 मिनट पर शूटर अजीतसिंह राणावत ने ट्रैंक्यूलाइजिंग गन से निशाना साधकर शॉट दागा। दवा का असर शुरू होने के बाद टीम ने करीब 20 मिनट इंतजार किया और फिर उसके पास पहुंचने का प्रयास किया। हालांकि उस समय तक लेपर्ड पूरी तरह बेहोश नहीं हुआ था। इसी दौरान लेपर्ड ने अचानक हमला कर वन विभाग के सदस्य जितेंद्र सिंह देवड़ा को घायल कर दिया। हमले में उनके दोनों हाथों और चेहरे पर चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अपनी जान बचाने के लिए जितेंद्र सिंह देवड़ा ने भी लेपर्ड को पकड़ लिया। शोर सुनकर अन्य वनकर्मी, मौके पर मौजूद लोग और एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनंत कुमार भी उनकी सहायता के लिए दौड़े। करीब आधे घंटे बाद लेपर्ड पूरी तरह निढाल हो गया, जिसके बाद टीम ने उसे जाल की मदद से सुरक्षित पकड़ा। अतिरिक्त सुरक्षा के तौर पर उसे बांधकर वाहन में शिफ्ट किया गया और सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क स्थित लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर पहुंचाया गया। घटना चित्रकूट नगर के उस पहाड़ी क्षेत्र में हुई, जहां पहले भी लेपर्ड की आवाजाही सामने आ चुकी है।

04 Jun 2026